madhya pradesh capital bhopal home will get qr code based e address | भोपाल में घरों का होगा ई-एड्रेस, आसानी से पहुंच सकेगी पुलिस और एंबुलेंस सर्विस


Dainik Bhaskar

Dec 03, 2018, 05:11 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. अभी तक घर पर आ रहे मेहमानों को आप पते के साथ लैंडमार्क बताते हैं। इसके बाद भी उन्हें घर तलाशने में परेशानी होती है। अब इस समस्या के समाधान के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी भोपाल के सभी घर को डिजिटल एड्रेस देने जा रही है। यह डिजिटल बेस्ड एड्रेस आपके घर की विशिष्ट पहचान होगा। इसके साथ भोपाल ई-एड्रेस वाला मध्य प्रदेश का पहला शहर होगा।

 

संपत्ति कर वसूली में सुधार के लिए नगर निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी जीआईएस सर्वे कर रही हैं। इससे हर प्रॉपर्टी की एक यूनिक आईडी जनरेट हो रही है। इस यूनिक आईडी की मदद से प्रॉपर्टी के मालिक और प्रॉपर्टी के टैक्स की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। अब इस जीआईएस डेटा का दूसरा उपयोग डिजिटल एड्रेस जनरेट करने के लिए किया जा रहा है। हर घर के बाहर कॉपर की एक प्लेट लगेगी। इस पर यह डिजिटल एड्रेस दर्ज होगा। इसके अलावा घर के बाहर क्यूआर कोड भी बनाया जाएगा।

हमने हैदराबाद की जिपर कंपनी को डिजिटल एड्रेस जनरेट करने का काम सौंपा है। इस पर पांच करोड़ रुपए खर्च होंगे और यह काम आठ महीने में पूरा हो जाएगा। आंध्र और तेलंगाना मेंं कुछ लोकेलिटी में डिजिटल एड्रेस जनरेट करने का पायलट प्रोजेक्ट हुआ है। भोपाल जैसे बड़े शहर में यह पहली बार होगा।


संजय कुमार, सीईओ, स्मार्ट सिटी कंपनी

 

अभियानों की मॉनिटरिंग में भी होगी आसानी


  1. शेयर करना होगा क्यूआर कोड

    इस अल्फा न्यूमेरिक डिजिटल एड्रेस में शहर को भेल, बैरागढ़, ओल्ड सिटी, न्यू सिटी जैसे उप नगरों में बांटा जाएगा। हर उपनगर का एक कोड होगा। इसके बाद मोहल्ले और गली के कोड होंगे। इसी आधार पर डिजिटल एड्रेस जनरेट होगा। कोड जेनरेट होने के बाद किसी भी इमरजेंसी में आपको केवल क्यूआर कोड शेयर करना होगा। इसके बाद फायर, एंबुलेंस या पुलिस को आप तक पहुंचने के लिए किसी और जानकारी की जरूरत नहीं होगी।


  2. भोपाल प्लस ऐप से भी जुड़ेगा एड्रेस

    यदि घर पर चोरी, डकैती जैसी कोई आपराधिक वारदात हो जाती है और आप फोन पर बात करने की स्थिति में नहीं हैं तब भी यह डिजिटल एड्रेस आपकी मदद कर सकेगा। इस डिजिटल एड्रेस को भोपाल प्लस ऐप से जोड़ा जाएगा। एप पर एक रेड बटन होगा। इस बटन को प्रेस करते ही पुलिस थाने को सीधे सूचना पहुंच जाएगी और पुलिस आप तक आसानी से पहुंच सकेगी।


  3. आसानी से डिलिवर होगा पार्सल

    • आपके घर पर पार्सल और पोस्टल डिलीवरी होने पर डिलीवरी बॉय इस क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। इससे तुरंत संबंधित एजेंसी को इस बात की जानकारी मिल जाएगी कि पार्सल सही स्थान पर डिलीवर हुआ है।
    • इसी तरह डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए आ रहे कामगार को भी कोड स्कैन जरूरी किया जा सकता है, इससे पता चल सकेगा कि कितने घरों से वास्तव में कचरा कलेक्शन हुआ।
    • पल्स पोलियो, मतदाता सूची अपडेशन, जनगणना, बीपीएल सूची अपडेशन जैसे तमाम सरकारी अभियानों की मॉनिटरिंग भी इस क्यूआर कोड से हो सकेगी।





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