Pradhanmantri kaushal vikash yojna | सरकारी खर्च पर ट्रेनिंग लेकर रोजगार शुरू कर सकते हैं युवा, घर के पास मिलता है प्रशिक्षण


Dainik Bhaskar

Dec 06, 2018, 06:56 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) शुरू की गई है। किसी भी वर्ग का ऐसा कोई व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 28 साल है, वो इस योजना का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, उन्हें 10वीं पास होना जरूरी है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को ट्रेनिंग देकर खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। इसमें ट्रेनिंग की फीस का भुगतान सरकार करती है। युवा वर्ग को संगठित करके उनके कौशल को निखार कर उनकी योग्तानुसार रोजगार देना भी इस योजना में शामिल है। इस योजना में कई सारी स्कीम्स शामिल हैं। फॉर्म भरते समय आप अपनी पसंद की स्कीम चुनकर उसका प्रशिक्षण ले सकते हैं। फाइनल एग्जाम पास होने पर उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए 8000 रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जाती है।

योजना के बारे में


  1. योजना की जरूरी बातें

    • इसके लिए किसी तरह की फीस या पैसा नहीं देना पड़ता है। उल्टा सरकार आपको पुरस्कार राशि के रूप में 8 हजार रुपए देती है।
    • स्कीम में 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। जो सर्टिफिकेट दिया जाता है, वह पूरे देश में मान्य होगा।
    • ट्रेनिंग बाद सरकार आर्थिक सहायता करने के साथ नौकरी दिलाने में भी मदद करती है। यानी कम पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार पाने के लिए भटकना नहीं पड़ता है।
    • पाठ्यक्रम पूरा होने पर एसएससी द्वारा स्वीकृत मूल्यांकन एजेंसी आपका मूल्यांकन करेगी। फिर आपको सरकारी प्रमाण-पत्र तथा स्किल कार्ड प्राप्त होगा।




     


  2. योजना के लाभ

    • सभी तरह की टेक्निकल जानकारी और कम्प्यूटर नॉलेज को बढ़ावा देना। 
    • कम-पढ़े लिखे या 10वीं, 12वीं कक्षा ड्राप आउट (बीच में स्कूल छोड़ने वाले) युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना। साथ ही उनकी योग्यता के अनुसार उनका काम-धंधा शुरू करने में मदद करना। 
    • सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों पर युवाओं को अलग-अलग एरिया में ट्रेनिंग के साथ पुरस्कार राशि भी देना। 
    • जो युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं उनमें आत्मविश्वास भरना तथा उनके अन्दर छिपे कौशल को विकसित करना।


  3. इन दस्तावेजों के साथ करें आवेदन

    • आधार कार्ड 
    • दो पासपोर्ट साइज के फोटो 
    • कहां तक पढ़े हैं, उसकी मार्कशीट की कॉपी साथ रखें 
    • आपके परिवार के किसी सदस्य का आधार कार्ड
    • भारत का कोई भी बेरोजगार नागरिक आवेदन कर सकता है।
    • ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद आवेदक जिस तकनीकी क्षेत्र में ट्रेनिंग करना चाहता है, उसे चुनना होगा। इनमें कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, फूड प्रोसेसिंग,फर्नीचर व फिटिंग, हैंडीक्रॉफ्ट, जेम्स एवं ज्वेलरी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे अनेक क्षेत्रों की सूची दी गई है।


  4. घर के पास दी जाती है ट्रेनिंग

    आवेदक को अपने नगर, घर के आसपास ट्रेनिंग सेंटर मिल सके, इसके लिए सरकार ने कई टेलीकॉम कंपनियों को जोड़ रखा है। ये कंपनियां योजना से जुड़े लोगों को मैसेज कर ट्रोल-फ्री नंबर देंगी जिस पर कैंडिडेट को मिस कॉल देना होता है। तुरंत आपको फोन आता है, जिसके बाद आप आईवीआर सुविधा से जुड़ जाएंगे। इसके बाद आवेदक द्वारा दी गई जानकारी कौशल विकास योजना के सिस्‍टम में सेव हो जाती है। फिर आवेदनकर्ता को उसे निवास स्थान के पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ दिया जाता है।


  5. ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

    • सबसे पहले कौशल विकास योजना की वेबसाइट (pmkvyofficial.org) पर जाना होता है।
    • उसके बाद कैंडिडेट्स रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करेंगे तो फॉर्म दिखेगा।
    • उसमें मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भर दें।
    • वेबसाइट पर कई सारे तकनीकी क्षेत्र दिए गए हैं। आप अपनी पसंद व योग्यता के विषय पर मार्क कर दें।
    • फिर जैसे ही सबमिट करेंगे आपके मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन नंबर आएगा। आपके मोबाइल नंबर पर आपको आगे की जानकारी मिलती रहेगी।
    • इसके अलावा आप साइट से नज़दीकी ट्रेनिंग सेंटर खोज कर डायरेक्ट वहां जाकर भी इनरोलमेंट करवा सकते हैं।


  6. हेल्पलाइन नंबर

    यदि आपको रजिस्ट्रेशन से जुड़ी या ट्रेनिंग से संबंधित किसी प्रकार की कोई और सूचना चाहिए तो आप इस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (18001028056) पर बात कर सकते हैं। इसके अलावा आप मोबाइल नंबर (8800055555, 9289200333) पर भी जानकारी ले सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए भी आप इस नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।





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